सरस्वती सम्मान: भारतीय साहित्य का एक प्रतिष्ठित पुरस्कार 🏆
भारत में साहित्य के क्षेत्र में दिए जाने वाले सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक है सरस्वती सम्मान। यह पुरस्कार हर साल भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध किसी भी भाषा में उत्कृष्ट साहित्यिक कार्य के लिए दिया जाता है। इस सम्मान का नाम विद्या की देवी, सरस्वती के नाम पर रखा गया है, जो ज्ञान और कला की प्रतीक हैं।
सरस्वती सम्मान: कौन देता है?
यह पुरस्कार के.के. बिड़ला फाउंडेशन द्वारा 1991 में स्थापित किया गया था। इस फाउंडेशन ने साहित्य को बढ़ावा देने के लिए कई अन्य प्रतिष्ठित पुरस्कारों की भी स्थापना की है, जिनमें व्यास सम्मान (हिंदी साहित्य के लिए) और बिहारी पुरस्कार (राजस्थानी लेखकों के लिए) शामिल हैं।
पुरस्कार में क्या मिलता है?
सरस्वती सम्मान में एक लाख रुपये की नकद राशि, एक प्रशस्ति पत्र, और एक प्रतीक चिन्ह (पट्टिका) दिया जाता है। यह पुरस्कार लेखक के पिछले 10 वर्षों में प्रकाशित साहित्यिक कार्यों के आधार पर दिया जाता है।
चयन प्रक्रिया
पुरस्कार के लिए चयन की प्रक्रिया बहुत ही सख्त होती है। एक चयन समिति, जिसे ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता डॉ. हरभजन सिंह की अध्यक्षता में गठित किया गया था, योग्य उम्मीदवारों का चयन करती है। इस समिति में देश के जाने-माने साहित्यकार और विद्वान शामिल होते हैं।
कुछ प्रमुख प्राप्तकर्ता
इस पुरस्कार के कुछ प्रमुख प्राप्तकर्ताओं में शामिल हैं:
* हरिवंश राय बच्चन (1991 में प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति)
* विजय तेंदुलकर
* सुनीता जैन
* शमशेर बहादुर सिंह
* मनु शर्मा
सरस्वती सम्मान न केवल लेखकों को सम्मानित करता है, बल्कि भारतीय भाषाओं में रचनात्मक लेखन को भी प्रोत्साहित करता है। यह एक ऐसा पुरस्कार है जो भारतीय साहित्य की विविधता और समृद्धि का जश्न मनाता है।
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